Child hindi stories for kids // विदेशी मेहमान { जंगल की कहानी }

प्यारे बच्चो, आज हम आपके लिए child hindi stories ले कर आये हैं, दरअसल ये कहानी वाइटी खरगोश और टोनी लोमड़ की है| 

विदेशी मेहमान

क दिन वाइटी खरगोश और टोनी लोमड़ कहीं जा रहे थे। तभी उन्हें एक तोता दिखा।वह घायल था।”तुम कौन हो भाई?’-वाइटी ने पूछा।तोते ने कराहते हुए अपने बारे में बताया-“मेरा नाम हैरी है। मैं अफ्रीका से अपने मित्रों के साथ यहाँ घूमने आया था।वे मुझे छोड़कर चले गए।” “तुम घायल कैसे हो गए?”-वाइटी ने आश्चर्य से पूछा।_ “कुछ शैतान चील और कौओं ने मेरा यह हाल किया है।”-हैरी ने बताया| _ वाइटी ने पूछा-“दोस्त, क्या तुम मेरे घर चलोगे?” हैरी वाइटी के साथ चला गया।

“दोस्त, मेरे दिमाग में एक आइडिया आया है।” एकाएक साथ चल रहे टोनी ने वाइटी से धीरे से कहा-“तुम इस तोते को कुछ दिन अपने घर में रखकर बेच देना” वाइटी को टोनी की बात बिल्कुल पसंद नहीं आई। उसने उसे डांट दिया कि आगे से वह ऐसी बात न करे। टोनी अपना सा मुँह लेकर चला गया। लेकिन उसने वाइटी को सबक सिखाने की ठान ली।वाइटी ने हैरी को एक कमरा दे दिया।डॉक्टर को बुलाकर उसका इलाज कराया।कुछ ही दिन में हैरी स्वस्थ हो गया।हैरी उसे रोज अपने देश के बारे में दिलचस्प बातें बताता था। वहाँ की बातें सुनकर वाइटी को बहुत मजा आता था।

एक दिन टोनी लोमड़ हैरी तोते का हाल जानने वाइटी के घर पहुंचा। हैरी को देखकर वह चकित रह गया। “दोस्त, इस विदेशी मेहमान को एक दिन मैं अपने घर खाने पर बुलाना चाहता हूँ ।”-टोनी ने हैरी को देखकर कहा। “नहीं, मैं इसे तुम्हारे घर नहीं भेज सकता।”-वाइटी झल्लाकर बोला।
वाइटी का टका सा उत्तर सुनकर टोनी तिलमिलाकर रह गया। वह बाइटी को घूरकर देखते हुए वहां से चल दिया और सीधा शेर सिंह के पास पहुंच गया। उसने शेरसिंह को वाइटी के खिलाफ उलटा-सीधा कहते हुए भड़काया-“महाराज, मैंने खुद अपनी आंखों से देखा है। वाइटी ने एक विदेशी तोते को अपने घर में कैद कर रखा है। मुझे ऐसा लगता है, वह उसे किसी तस्कर के हाथों बेच देगा।”

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टोनी लोमड़ की बात सुनकर शेरसिंह सकते में आ गए। कुछ सिपाहियों को लेकर वह टोनी के साथ वाइटी के घर चल दिए। उधर वाइटी खरगोश हैरी तोते के साथ कैरम खेल रहा था। शेरसिंह को अपने घर अचानक देखकर वाइटी हड़बड़ा गया- “महाराज, आप यहाँ ?”_”मुझे टोनी ने बताया है कि तुमने इस विदेशी तोते को कैद कर रखा है?” शेरसिंह ने हैरी की तरफ नजर डालकर वाइटी से कहा-“क्या तुम्हें मालूम नहीं कि हमारे यहाँ विदेशी मेहमानों की कितनी आवभगत की जाती है। हम वन में उन्हें पूरी सुरक्षा प्रदान करते हैं। लेकिन तुम इसे तस्कर के हाथों बेचना चाहते हो। शर्म आनी चाहिए तुम्हें।”वाइटी समझ गया कि टोनी ने शेरसिंह को झूठ बोलकर भड़काया है।

उसने सच्ची बात बताते हुए कहा-“महाराज, टोनी ने आपसे झूठ कहा है।हैरी मेरे घर में कैद नहीं है, बल्कि एक मेहमान की तरह ही रह रहा है। मैंने तो इस बेचारे को मुसीबत में अपने घर में शरण दी है। बाकी बातें आप स्वयं हैरी से पूछ लीजिए।”_ ‘हैरी को देखकर लगता तो नहीं है कि इसे वाइटी ने कैद करके रखा है।’ शेरसिंह ने ठंडे दिमाग से सोचा-‘कहीं टोनी की इसमें कोई चाल तो नहीं है?’__ अचानक शेरसिंह गरजे- पकड़ो इस बदमाश को! यह खुद सच बता देगा।” सिपाहियों ने टोनी को पकड़ लिया।”महाराज, मैं सच बताता हूँ। मुझे छोड़ दीजिए।”-टोनी ने रोते हुए सचाई बता दी। “शाबाश वाइटी, तुमने इस वन की लाज रख ली।” शेरसिंह ने वाइटी की प्रशंसा करते हुए कहा-“हम मेहमानों को हमेशा आदर देते हैं।”
कुछ दिनों के बाद हैरी ने अपने देश लौटने की इच्छा व्यक्त की। वाइटी ने बड़े सम्मान के साथ हैरी को विदा किया

 

प्यारे बच्चो, आपको ये child hindi stories कैसी लगी हमे जरूर बताइयेगा ताकि हम आपके लिए इसी तरह की child hindi stories ले कर आ सके | 

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