Children story hindi for kids // चतुर पत्नी { एक मनोरंजक कथा }

प्यारे बच्चो- आज हम आपके लिए children story hindi ले कर आये हैं और मुझे पूरी उम्मीद है की आपको ये कहानी बहुत पसंद आएगी, दरअसल ये children story hindi भोला और उसकी पत्नी की चतुराई की है | 

चतुर पत्नी 

गंगा के तट पर सोनपुर नामक एक गाँव था। कई सालों से नदी में आई बाढ़ के कारण उस गाँव के लोगों की फसलें बह जाया करती थीं। लोग बहुत परेशान थे किन्तु उसी गाँव में रहने वाले एक गरीब किसान भोला की फसल तो पूरी ही नष्ट हो जाया करती थी।

उसके जो भी खेत थे सभी गंगा से सटे हुए थे। गरीब भोला को पेट भरने के लिए दूसरे के खेतों में काम करना पड़ जाता था। भोला की पत्नी बहुत ही चतुर थी । वह भी किसी न किसी प्रकार उसकी मदद करती थी |

एक दिन भोला ने गंगा मईया से मनौती मांगी-” हे गंगा मईया! अगर इस बार हमारी फसल बाढ़ से बच गई तो मैं स्वेच्छा से कोई वस्तु आपको अर्पण करगा।”गंगा मईया को इस गरीब किसान पर दया आ गई। इस बार भी बाढ़ आई पर भोला के खेत की फसल को कोई नुकसान नहीं पहुँचा । उपर से इस बार भोला को फायदा ही हुआ कि बाढ़ ने अपने साथ उपजाऊ मिट्टी ला कर उसके खेत में भर दी।

भोला की खुशी का ठिकाना न रहा। पूरे गांव में सबसे अच्छी फसल उसी की हुई थी। फसल कट चुकने के बाद भोला को जब गंगा मईया से मांगी अपनी मनौती याद आई तो वह उदास हो गया। वह सोचने लगा कि अब मुफ्त में गंगा मईया को कुछ वस्तु अर्पण करनी पड़ेगी।

यही सोच-सोच कर वह उदास रहने लगा। एक बार भोला अपने एक रिश्तेदार के यहाँ मिलने गया और आते समय एक लाठी लेता आया। अपने घर में लाठी देख भोला की पत्नी को एक उपाय सूझा। उसने अपने पति से कहा-“हमारे यहाँ इस लाठी का क्या काम? आप जाकर स्वेच्छा से इस लाठी को गंगा मईया को अर्पण कर दीजिए। आपकी मनौती पूरी हो जाएगी।”

भोला को भी यह बात जंच गई। वह लाठी लेकर गंगा के किनारे गया और बोला-“हे गंगा मईया! मैं स्वेच्छा से यह लाठी आपको अर्पण करता हूँ। इसे स्वीकार करें।”और लाठी को गंगा में बहा दिया। भोला की इस नियत से गंगा मईया बहुत नाराज हुई” , और एक रात सपने में भोला से बोलीं-“ऐ लोभी किसान! तूने मुझे मात्र एक लाठी अर्पण कर मेरा अपमान किया है। इसलिए अगली बार तुम जब फसल काटोगे तो वह एक टोकरी से न अधिक होगी और न कम होगी। ऐसी बात सुनकर भोला पूरी तरह से घबराहट का शिकार हो गया। उसे अपने किये पर बहुत पछतावा हो रहा था।

यह बात उसने अपनी पत्नी को बताई तो वह भी घबरा गई, किन्तु फिर उसने कोई उपाय निकालने की सोची।अगली बार फसल काटने का समय हो गया तो भोला की पत्नी ने अपने पति से एक बहुत बड़ा गड्ढा खोदने को कहा। भोला ने मजदूरों को लगा कर जमीन के अन्दर एक बहुत बड़ा गड्ढा खुदवाया। फिर भोला की पत्नी ने एक ऐसी टोकरी बनवाई, जिसकी नीचे तली (पेन्दा) नहीं थी। भोला की पत्नी उस छेद वाली टोकरी को गड्ढे के ऊपर पकड़कर बैठ गई। भोला फसल काट कर लाता और उस टोकरी में डाल देता। टोकरी क्योंकि बिना तली की थी इसलिए उसमें एक भी दाना न रुकता और सब अनाज जाकर गड्ढे में गिर जाता। बार-बार फसल काट कर भोला लाता और टोकरी में डाल देता।

किन्तु टोकरी खाली की खाली ही रहती। खेतों से काटा गया सारा अनाज उस गड्ढे में समा गया पर गड्ढा अभी भी आधे से अधिक खाली था।
भोला की पत्नी भोला से बोली-“अब गंगा मईया को बुलाकर अपने वायदे के अनुसार इस टोकरी को भरने को कहो।”

भोला ने गंगा मईया को पुकारा। गंगा मईया प्रकट हो गई। भोला ने कहा-“हे गंगा मईया, मैंने तो अपना वायदा पूरा कर दिया था। अब आप भी अपना वायदा पूरा कीजिए।”

गंगा मईया यह सुनकर उनकी चतुराई पर मन ही मन मुस्कुराई। फिर अपने वायदे के अनुसार भोला के गड्ढे सहित टोकरी को भी अनाज से भर दिया। जाते हुए यह भी वरदान दे गईं कि इस गाँव में अब कभी भी बाढ़ का प्रकोप नहीं होगा। तब से उस गाँव में फिर कभी बाढ़ नहीं आई।

 

प्यारे बच्चो, आप सभी को आज की ये children story hindi कैसी लगी हमे जरूर बताइयेगा ,ताकि हम आपके लिए children story hindi जैसी दूसरी कहानियाँ  ले कर हाज़िर हो सके – धन्यवाद 

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