Motivational Stories in Hindi for Children and Students

हेलो दोस्तों आज हम आपके लिए लाएं  हैं  कुछ ऐसे motivational stories in hindi जो आपको Motivate करने के साथ साथ ऐसी Education देंगी और कही न कही आपकी सोच को बदल देंगीं। मुझे पूरी उम्मीद है motivational stories in hindi आपके Goal को Achieve करने में आपके लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनेंगी | 

 

1. विनम्रता लाएं ( Bring humility )

Best motivational stories in hindi 1.

केरल में एक वृद्ध व्यक्ति रहते थे, जिन्हें उनके शांत स्वभाव की वजह से जाना जाता था। कोई भी चीज – चाहे वह कितना भी गुस्सा दिलाने वाली क्यों न हो – उनकी शांति भंग नहीं कर सकती थी। इस कारण उनके गांव के सभी लोगों को उनपर हैरत होती। एक दिन कुछ शरारती लड़कों ने यह तय किया कि वे उन्हें गुस्सा दिला कर छोड़ेंगे। उन्होंने इस काम के लिए एक शैतान लड़के को ठीककर उसे यह समझाया कि क्या करना है और बताया कि यदि वह उन्हें क्रोध दिलाने में कामयाब रहा, तो उसे इनाम में 500 रुपये मिलेंगे। वह वृद्ध हर रोज सुबह नदी में स्नान किया करते। लड़के वहां जाकर नदी किनारे उगी झाड़ियों में छिप गए। जब वे नदी में स्नान कर वापस लौट रहे थे, तो उस शैतान ने पास पहुंचकर उनके मुँह पर थूक दिया। वृद्ध के चेहरे पर मुस्कान आ गईं और वे फिर नदी में डुबकी लगाने को लौट गए। जब वे वापस आने लगे, तो उसने एक बार फिर उनपर थूक दिया। वृद्ध एक बार फिर मुस्कराए और नदी की ओर लौट गए। उनके साथ सौ से भी अधिक बार यही चीज दुहराई गई। अंत में हारकर उस लड़के ने अपनी शैतानी बंद की और वह उनके चरणों में गिर पड़ा। छिपे हुए बाकी सब लड़के भी सामने आकर उनसे माफी मांगने लगे। उनमें से एक लड़के ने, जिसे यह यकीन नहीं हो पा रहा था कि किसी व्यक्ति में इतना धैर्य भी हो सकता है, उनसे पूछा, “बाबा, आप किस तरह इतनी शैतानी सह सके?” उस वृद्ध ने जवाब दिया…

सवाल
1. उस वृद्ध का जवाब क्या था?
2. इस कहानी का सबक क्या है?

आप इन सवालों के जवाब पहले खुद देने की कोशिश करें और उसके बाद ही
हमारे जवाब देखें।

जवाब

1. आखिर वह एक बच्चा ही तो है।
2. हमें बच्चों से प्यार होता है। हम उनकी नादानियां माफ करते हुए उनसे प्रेम करना जारी रखते हैं। इसी तरह यदि हम इस संसार के सभी व्यक्तियों के प्रति अपना प्रेम प्रकट करते रहें, तो हमारे लिए क्रोध करने अथवा चिढ़ने का मौका ही नहीं आएगा। इस स्तर की सहनशक्ति हासिल करना आसान नहीं है। इसके लिए सतत अभ्यास और लगन की जरूरत होती है।

लेखक की टिप्पणी
मैंने यह कहानी लगभग तीस वर्षों पहले स्वामी शिवानन्द की पुस्तक “एकाग्रता और ध्यान” में पढ़ी थी। मुझपर इसका गहरा असर पड़ा और इसने कई मुश्किल वक्त में स्थिरचित्त बने रहने में मेरी मदद की। जीवन में सही भूमिका का निर्वाह करें | 

 

2 . जीवन में सही भूमिका का निर्वाह करें 

( Play the right role in life )

Best motivational stories in hindi 2.

क सेनाधिकारी की तीन वर्षीया बेटी आनंद और चपलता की मूर्ति थी। दूसरी ओर, वह अधिकारी अपनी कठोर अनुशासनप्रियता के लिए प्रसिद्ध था। एक दिन अपनी बेटी की शैतानियों से आजिज आकर उसकी मां ने उसके पिता से कहा, “आपके अनुशासनप्रिय होने से क्या फायदा? जरा अपनी नटखट बेटी की कारगुजारियां भी तो देखिए! आप उसमें थोड़ा अनुशासन क्यों नहीं लाते?” सेनाधिकारी ने इस बात को गंभीरता से ले लिया। उसने बेटी को बुलाया और उससे कहा, “आज के बाद तुम्हें अनुशासित होना होगा।” उसने कहा, “ठीक है, पापा!” “मुझे पापा कहकर बात मत किया करो। जब भी मुझसे बातें करनी हों, तो ‘सर’ से शुरुकर अंत में भी ‘सर’ कहा करो।” बालिका ने तुरंत ही जवाब दिया, “सर, ठीक है, सर।” यदि उसे आइसक्रीम भी खाने की इच्छा होती, तो उसे कहना पड़ता, “सर, मुझे आइसक्रीम चाहिए, सर।” एक दिन उस सेनाधिकारी को कुछ खरीदारी करने बाजार जाना था और उनकी बेटी भी उनके साथ जाना चाहती थी। उन्होंने उसे इस शर्त पर साथ ले
जाना मंजूर किया कि वह कार की पिछली सीट पर बैठेगी। बालिका ने मान लिया। जब वे आधी दूरी तय कर चुके थे, तो पिता ने अपनी गरदन पर बेटी के नन्हे हाथों का स्पर्श महसूस किया और उन्हें उसके प्यारभरे शब्द सुनाई दिए…

सवाल
1. उस बालिका ने पिता से क्या कहा?
2. इस कहानी का निष्कर्ष क्या है?

आप इन सवालों के जवाब पहले खुद देने की कोशिश करें और उसके बाद ही
हमारे जवाब देखें।

जवाब

1. “सर, मुझे आपसे प्यार है, सर।” सेनाधिकारी के कानों में पीछे से आवाज आई।
2. उस छोटी बच्ची के लिए वे एक सेनाधिकारी नहीं, एक स्नेहिल पिता, अपनी पत्नी के लिए एक वफादार पति, अपनी बहन के लिए एक प्यारे भाई और अपने मातापिता के लिए एक कर्तव्यनिष्ठ पुत्र भी हैं।

लेखक की टिप्पणी
परिस्थितियों और अपने सरोकार के अनुसार हम सभी अपने जीवन में कई तरह की भूमिकाएं अदा करते हैं। किंतु यदि हम हमेशा और हर जगह अपनी एक ही भूमिका के बारे में सोचते रहे, तो हमारी जिंदगी मुश्किल में बदल जाएगी। हमें अपनी विभिन्न भूमिकाओं के मुताबिक खुद को ढालना सीखना ही चाहिए। केवल तभी हमारा जीवन आसान बन सकेगा।

3 . अपने प्रियजनों को अनोखे उपहार दिया करें

( Give unique gifts to your loved ones )

Best motivational stories in hindi 3.

ब जिमी कार्टर यूएसए के राष्ट्रपति थे, तो एक बार उनके और उनकी पत्नी के बीच कुछ गलतफहमी हो गयी। समयबद्धता से कार्टर को एक सनक की हद तक लगाव था, जो संभवत: एक नौसैनिक के रुप में उन्हें प्राप्त प्रशिक्षण से पैदा हुआ था। उनकी पत्नी, रोजलिन, भी समयबद्ध तो रहतीं, किन्तु कार्टर की हद तक नहीं। प्राय:, कहीं निकलने में पांच मिनट अथवा उससे भी कम की देर हुई नहीं कि उन दोनों के बीच एक कटु तकरार छिड़ जाया करती। पूरे 38 वर्षों के वैवाहिक जीवन के दौरान उन दोनों के बीच मतभेद की यही वजह बनी रही। 18 अगस्त, 1984 को सवेरे-सवेरे कार्टर अपने एक भाषण की तैयारी के लिए  अपने अध्ययनकक्ष में गए और ताजा समाचारों की जानकारी लेने अपना रेडियो लगाया। जब उन्होंने रेडियो से उस दिन की तारीख सुनी, तो अचानक उन्हें यह याद आया कि आज रोजलिन का जन्मदिवस है और वे उनके लिए कोई
उपहार भी नहीं खरीद सके थे। अब तो उपहार खरीदने का वक्त नहीं बचा था।एकाएक उनके मस्तिष्क में बगैर किसी उपहार के कुछ अनोखा कर गुजरने का खयाल कौंधा।

सवाल
1. जिमी कार्टर ने अपनी पत्नी के जन्मदिवस पर क्या किया?
2. इस घटना का सबक क्या है?

आप इन सवालों के जवाब पहले खुद देने की कोशिश करें और उसके बाद ही
हमारे जवाब देखें।

जवाब
1. उन्होंने जल्दबाजी में एक कागज पर लिखा, “जन्मदिन मुबारक! तुम्हारे लिए अपने प्यार के इजहारस्वरुप मेरा यह वादा रहा कि तुम्हारी लेट लतीफी को लेकर आइंदा मैं तुम्हें कोई भी अप्रिय बात नहीं कहूंगा।” उन्होंने कागज पर अपने हस्ताक्षर किए, उसे एक लिफाफे में डाला और पत्नी को स्नेह से चूमकर उनके हाथों में थमा दिया। कहा जाता है कि उस दिन के बाद वे सदा अपने वादे पर कायम रहे और यह उनके वैवाहिक जीवन का सबसे सुंदर जन्मदिन उपहार बन गया।
2. गैरपरंपरागत ढंग से सोचना सीखें। यथासंभव ज्यादा से ज्यादा परिस्थितियों में अपनी रचनात्मकता दिखाएं। हम जितनी ज्यादा कोशिश करेंगे,
उतने ही अधिक रचनात्मक हो सकते हैं। क्यों नहीं आप भी अपने किसी प्रियजन को एक वैसा ही नया और अनोखा जन्मदिन – उपहार देने की सोचें, जैसा जिमी कार्टर ने दिया।

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