Story in hindi for children | Story in hindi written | हिन्दी में कहानी

प्यारे बच्चो , आज मैं आप सभी के लिए story in hindi for children ले कर आया हूँ और आशा करता हूँ की आपको ये कहानी पसंद आएगी।

चीकू की पेंटिंग 

चंदन वन में जल्दी ही एक बड़ी चित्रकला प्रदर्शनी लगने वाली थी। इसमें सर्वश्रेष्ठ पेंटिंग बनाने वाले को बड़ा पुरस्कार मिलना था। चीकू खरगोश चंदन वन का जाना-माना चित्रकार था। उसके जैसा चित्रकार चंदन वन में कोई नहीं था।

वह देखते ही देखते कोई भी चित्र बना देता। जब चंदन वन में लगने वाली प्रदर्शनी की खबर चीकू को मिली, तो वह अनोखी पेंटिंग बनाने की बात सोचने लगा।

चीकू को मोनालिसा की पेंटिंग बहुत पसंद थी। वह सोचने लगा-‘क्यों न मैं मोनालिसा की तरह चंदन वन के राजा शेर सिंह की पेंटिंग बनाऊं?’ बस, वह जा पहुंचा शेर सिंह के पास। बोला-“महाराज! मोनालिसा जैसी मैं आपकी पेंटिंग बनाना चाहता हूँ ।”

‘अरे वाह ! मैं तुम्हारा मॉडल बनने को तैयार हूँ। तुम जल्दी पेंटिंग बनाना शुरू कर दो।”-महाराज खुश होकर बोले। चीकू खरगोश ने काम शुरू कर दिया। शेर सिंह कुर्सी पर बैठे और चीकू उनका चित्र बनाने लगा। चीकू शेर सिंह के चित्र में रंग भर रहा था कि एकाएक टिकी लोमड़ उधर आ निकला।

टिकी ने चीकू से कहा-“चीकू ! तुम्हारी बनाई पेंटिंग तो सचमुच शानदार है। तुम इसे कितने रुपयों में बेचोगे?” “दरअसल, यह पेंटिंग मैं चंदन वन की चित्रकला प्रदर्शनी के लिए बना रहा हूं। मुझे उम्मीद है यह जरूर प्रथम स्थान प्राप्त करेगी।”-चीकू ने जवाब दिया।

“तब तो तुम्हें मोटी रकम भी इनाम में मिलेगी। “हाँ , फिर मैं इसे किसी खरीददार को बेच दूँगा । चीकू की बात सुनकर टिकी सोचने लगा- “अगर चीकू की पेंटिंग गायब कर दी जाए, तो इसे बेचकर मोटी रकम मिलेगी।

“ठीक है, चीकू ! लगे रहो।”-कहकर टिकी लोमड़ वहाँ से चला गया। लेकिन चीकू खरगोश समझ गया कि टिकी लोमड़ की नीयत खराब है और वह कभी भी उसकी पेंटिंग को चुरा सकता है।

चीकू अपने दोस्त मीकू बंदर के पास जाकर बोला-“मुझे डर है कि टिकी लोमड़ कहीं मेरी पेंटिंग चुरा न ले। “तुम फिक्र मत करो चीकू । मैं अभी तुम्हारी पेंटिंग में फ्रेम के भीतर कागज जितना पतला माइक्रो ट्रांसमीटर लगा देता हूँ।

पेंटिंग जहाँ भी होगी, तुम्हें संकेत मिलते रहेंगे।”-मीकू ने कहा। मीकू इंजीनियर था। उसने झटपट चीकू की पेंटिंग में माइक्रो ट्रांसमीटर इतनी सफाई से लगा दिया कि किसी को पता न चले।

आखिर वही हुआ, जिसका डर था। रात हुई, तो दिन भर का थका हुआ चीकू बेखबर सो गया। टिकी लोमड़ दबे पांव उसके घर आया और पेंटिंग चुराकर ले गया। सुबह हुई, तो अपनी पेंटिंग को गायब देख चीकू ने झटपट तकिए के नीचे रखा मॉनीटर निकाला।

यह कैलकुलेटर जैसा एक नन्हा सा यंत्र था। मॉनीटर पर पेंटिंग के संकेत मिल रहे थे। चीकू खरगोश इंस्पेक्टर टाइगर के पास पहुँचा। सारी बात बताई। दोनों टिकी लोमड़ के घर पहुँचे।

टिकी के घर पहुंचते ही मॉनीटर के बीप-बीप की तेज आवाज निकलने लगी। मॉनीटर संकेत दे रहा था कि चीकू की पेंटिंग टिकी लोमड़ के घर में है। इंस्पेक्टर टाइगर ने कड़कदार आवाज में कहा-“टिकी! जल्दी चीकू की पेंटिंग वापस करो। वह तुम्हारे घर में ही कहीं है।

आप खुद देख लीजिए। चीकू की पेंटिंग मैंने नहीं चुराई है। जरूर आपको गलतफहमी हुई है।”-टिकी घबराकर बोला। तभी इंस्पेक्टर टाइगर की नजर टिकी के घर कोने में लगे एक पत्थर पर पड़ी। टाइगर ने ज्यों ही पत्थर का हैंडल उठाया नीचे तहखाने में नीचे की ओर जाने वाली सीढ़ियां दिखाई दीं।

चीकू की पेंटिंग टिकी के घर में बने तहखाने से बरामद हो गई। बेचारा टिकी ! एक बार फिर चोरी के आरोप में पकड़ा गया। चित्रकला प्रदर्शनी में चीकू की पेंटिंग की खूब तारीफ हुई। उसकी पेंटिंग को प्रथम स्थान मिला। चीकू को मोटी रकम इनाम में मिली। राजा शेर सिंह ने पेंटिंग को चंदन वन के संग्रहालय में रखने के लिए खरीद लिया।

प्यारे बच्चो , आप सभी को story in hindi for children कैसी लगी हमे जरूर बताइयेगा ताकि हम आपके लिए इसी तरह की story in hindi for children ले कर दुबारा हाज़िर हो सके – धन्यवाद 

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