Golden Rules for Speaking Fluent English

इंग्लिश आज पूरी दुनिया में एक स्वीकृत भाषा के रूप में जानी जाती है। यह हर आम और खास व्यक्ति को समझ में आ गया है कि ग्लोबल लेवल पर काम करने और अपनी पहचान बनाने के लिए इंग्लिश ( speaking fluent english ) आना बहुत जरूरी है, अन्यथा आपकी सफलता बहुत छोटे से हिस्से तक सिमट कर रह जाती है।

English is known throughout the world as an accepted language. It has been understood by every common and special person that it is very important to come to English to work at the global level and make your identity. Otherwise, your success is limited to a very small part.

 

शायद यही वजह भी है कि आज इंग्लिश ( speaking fluent english ) सीखने के लिए युवाओं में जबरदस्त क्रेज बढ़ रहा है। खासतौर पर अपनी बात को बेहतर ढंग से convey करने के लिए इंग्लिश स्पीकिंग होना बहुत जरूरी हो गया है। हम अपने पाठकों के लिए अच्छी इंग्लिश बोलने के कुछ गोल्डन रूल्स दे रहे हैं। इन्हें आजमा कर देखिये, ये आपकी मदद करेंगे।

Perhaps this is the reason why there is a tremendous craze among the youth for learning English today. In particular, to speak better, having English speaking has become very important. We are giving some golden rules for our readers to speak good English. Try these, It will help you.

 

गोल्डन रूल्स फॉर 

Speaking Fluent English

अंग्रेजी को आज पूरी दुनिया में विश्व की भाषा के रूप में जाना जाता है। शायद यही वजह है कि आज इसे कॉरपोरेट भाषा के रूप में भी स्वीकृति मिल चुकी है। यदि कोई भी व्यक्ति विश्व में अपनी पहचान बनाना चाहता है और ग्लोबल लेवल पर अपनी स्टैंडिंग चाहता है तो उसके लिए यह जरूरी है कि वह अंग्रेजी पढ़ना, लिखना, बोलना सीखे।

English is today known as the language of the world all over the world. Perhaps this is the reason why today it has also been accepted as a corporate language. If any person wants to make his mark in the world and wants his standings at the global level, then it is necessary for him to learn to read, write and speak English.

मजेदार बात है कि अंग्रेजी लिखना और पढ़ना उतना मुश्किल नहीं है, जितना मुश्किल अंग्रेजी बोलना सीखना है। इसके लिए शब्दों की अच्छी अंडरस्टेडिंग और स्पीच की जानकारी होनी बेहद जरूरी है। तभी आप अपने भीतर कम्युनिकेशन स्किल विकसित कर पाएंगे। यहां हम आपके लिए कुछ गोल्डन रूल्स दे रहे हैं, ताकि आप अच्छी और फ्लूवेंट इंग्लिश बोल सकें।

The funny thing is that writing and reading English is not as difficult as learning to speak English. For this, it is very important to have good understanding of words and knowledge of speech. Only then you will be able to develop communication skills within you. Here we are giving you some golden rules ( speaking fluent english ) so that you can speak good and fluent English.

1. अंग्रेजी भाषा सीखने का पहला नियम है कि आपके पास अच्छा शब्दकोश हो। आज बाजार में तमाम भाषाओं के शब्दकोश मौजूद हैं मसलन हिंदी-इंग्लिश, चाइनीज-इंग्लिश। लेकिन आपको हमेशा इंग्लिश टू इंग्लिश डिक्शनरी ही चुननी चाहिए। इससे आपकी अंग्रेजी भाषा पर पकड़ मजबूत होगी और आपका इंग्लिश के नये-नये शब्दों से परिचय होगा। साथ ही आप उनके अर्थो को बेहतर ढंग से जान पाएंगे। जो भी नये शब्द आप सुनें या पढ़े, उन्हें अपनी बातचीत में इस्तेमाल करें।

The first rule of learning English language is that you have a good dictionary? Today there are dictionaries of all languages in the market such as Hindi-English, Chinese-English, but you should always choose English to English dictionary. This will strengthen your grip on English language and will introduce you to new English words. Also you will get to know their meanings better. Use any new words you hear or read in your conversation.


2. नियमित रूप से अंग्रेजी बोलने का अभ्यास करें और जहां से भी इनपुट मिल सकते हैं. लें। यह बहुत जरूरी है कि आप यह सुनिश्चित करें कि आपके आसपास ऐसे लोग हों, जो आपकी गलतियों को पकड़ सके और उन्हें ठीक कर सकें । यदि आपके आसपास ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है तो इसकी संभावना ज्यादा है कि आप गलत वाक्य बोलना सीखेंगे और शब्दों का सही इस्तेमाल भी सीख नहीं पायेंगे।

Practice speaking English regularly and take input from wherever you can. It is very important that you make sure that there are people around you who can catch your mistakes and correct them. If there is no such person nearby, it is more likely that you will learn to speak the wrong sentence and will not be able to learn the correct use of words.


3. आप इंग्लिश रेडियो स्टेशन से, किताबें पढ़ कर, न्यूजपेपर पढ़कर और अंग्रेजी गाने सुन कर भी इनपुट्स ले सकते हैं। इन सभी सोर्सेज से लिए गये इनपुट्स आपकी अंग्रेजी सीखने की क्षमता में जबरदस्त इजाफा करेंगे। याद रखिये,
मनुष्य का ब्रेन जो भी देखता, सुनता और पढ़ता है, उसे अपने भीतर स्टोर करता रहता है। लिहाजा ये तमाम इनटपुट्स फ्लुएंटली इंग्लिश बोलना सीखने में सबसे ज्यादा कारगर साबित होंगे।

You can also take input from English radio station by reading books, reading newspapers and listening to English songs. Inputs taken from all these sources will greatly increase your ability to learn English. Remember, whatever your brain sees and hears, keeps it stored inside. So all these inputs will prove to be most effective in learning to speak fluently English.

4.जब आप इंग्लिश बोलना सीख रहे हैं तो ग्रामर पर बहुत ज्यादा जोर ना डालें, क्योंकि ग्रामर रूल्स या ग्रामर में मास्टरी आपको इंग्लिश अच्छी लिखने में मदद करेंगे, जबकि स्पीकिंग के लिए आपका अंग्रेजी शब्दों पर कमांड होना जरूरी है। शब्दों पर कमांड का कोई रूल नहीं है। एक बार जब आप शब्द सीख जाते हैं तो स्वाभाविक रूप से इंग्लिश भाषा में आपका प्रवाह बढ़ता जाता है।

When you are learning to speak English, do not put too much emphasis on grammar because grammar rules or mastery in grammar will help you write English well, whereas for speaking, you must have command on English words. So all these inputs will prove to be most effective in learning to speak fluently English. There is no roll of command on words. Once you learn the word, naturally your fluency in English language increases.

5. इंग्लिश भाषा की अच्छी समझ के लिए यह जरूरी है कि आप फ्रेजेज और इडियम्स सीखें। इडियम्स और फ्रेजेज प्रभावशाली वाक्य बनाने में आपकी मदद करेंगे और इससे आपको भी यह अहसास होगा कि आपकी इंग्लिश लगातार ठीक हो रही है।

For a good understanding of English language, it is important that you learn Phrases and Idioms. Phrases and idioms will help you in making effective sentences and it will also make you feel that your English is being corrected continuously.

6. समर्पण, इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास किसी भी चीज में सफलता पाने के लिए बेहद जरूरी हैं। ये तीनों चीजें इंग्लिश बोलना सीखने के लिए भी जरूरी हैं, इसलिए नियमित रूप से इंग्लिश बोलने का अभ्यास पूरे समर्पण, इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास के साथ करें।

Dedication, willpower and self-confidence are essential for success in anything. These three things are also necessary to learn to speak English, so practice speaking English regularly with full dedication, willpower and confidence.

I hope guys you like this Article on Speaking fluent English, please share it with your friends and family.

Also Read-

Tense Chart in English – Tense Types, Definition, Rules

Present Tense | Simple Present Tense – Formula and Charts

Past Tense | Simple Past Tense – Formula and Charts

Top 24 Best Idioms And Phrases with Meaning in Hindi

English Idioms in Hindi with Meaning | इंग्लिश मुहावरे व कहावतें

1 thought on “Golden Rules for Speaking Fluent English”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *