Kahani Hindi me Bacho ki | Hindi Story | बातूनी चुनचुन

प्यारे बच्चो- आज हम आपके लिए kahani hindi me ले कर आये हैं और मुझे पूरी उम्मीद है की ये कहानी आपको बहुत पसन्द आएगी ,दरअसल ये kahani hindi me चुनचुन चिड़िया की है | 

बातूनी चुनचुन
चुनचुन चिड़िया बहुत बातूनी थी. वह हमेशा किसी न किसी
उसे बातें करती रहती. अगर वह बाजार जाती तो देर से वहाँ पहुँचती क्योंकि वह रास्ते में किसी न किसी से बातों में उलझ जाती.लौटते समय भी उस का यही हाल होता.उस की मां उसे समझाती, “चुनचुन, तुम बहुत बोलती हो.ऐसे में तुम बहुत सी उलटी सीधी बातें कह जाती हो, जो तुम्हें कभी भी परेशानी में डाल सकती हैं.”पर चुनचुन मां की बातों पर ध्यान नहीं देती| 

 

एक दिन चुनचुन अपनी मां से बोली, “मां, प्लीज मेरे लिए एक स्वादिष्ठ केक बना दो.” “जरूर,” मां बोली, “पर इस के लिए तुम्हें जल्दी से
बाजार जा कर अंडे लाने होंगे. रास्ते में बेकार की बातें करने नहीं रुकना.”– चुनचुन बाजार की ओर चली. रास्ते में उसे कुछ बच्चे दौड़ते दिखे.
__एक स्कूल में उस ने भालू और दरियाई घोड़ों को फुटबाल से खेलते देखा.तभी उसे रिंकू चिड़िया नए कपड़ों का बंडल लाती दिखी.वह उस से बातें करने के लिए रुक गई. कुछ आगे जा कर उस ने एक चिंपाजी के बच्चे से बतियाना शुरू कर दिया.घर लौटतेलौटते उसे बहुत देर हो चुकी थी.तुम इतनी देर कहां रही,” मां गुस्से से बोली, “अब बहुत देर हो गई. अब तुम्हें केक नहीं मिलेगा| 

अगले दिन चुनचुन स्कूल गई. वहां उस ने अपनी टीचर और प्रिंसिपल को भल्लू सिंह भालू से बातें करते देखा. वह इंसपेक्टर था. “कल रात स्कूल में चोरी हो गई. चोरों ने ताला तोड़ कर कंप्यूटर चुरा लिए,” इंसपेक्टर ने कहा._टीचर बच्चों से बोली, “तुम सब चुपचाप खड़े हो जाओ
ताकि इंसपेक्टर साहब अपना काम कर सकें.”सभी बच्चे एक किनारे खड़े हो गए. पर अपनी आदत की वजह से चुनचुन चुपचाप खड़ी नहीं रह सकी. वह दूसरे बच्चों से बातें करने लगी.“शायद मैं ने चोरों को भागते देखा है,” चुनचुन बोली,“वे स्कूल के चारों तरफ भाग रहे थे. और हां, उन के हाथों में कुछ था.”इंसपेक्टर ने यह सुना तो चुनचुन को अपने पास बुलाया.अब चुनचुन डर गई. उस ने इंसपेक्टर, टीचर और सभी
बच्चों को अपनी ओर घूरते पाया.“चुनचुन, इधर आओ,” टीचर ने जोर से आवाज दी. वह डरते डरते टीचर के पास पहुंची| 

_ “अभीअभी तुम ने कहा कि तुम ने चोरों को देखा है.इंसपेक्टर साहब तुम्हें थाने ले जा कर कुछ पूछताछ करना चाहते हैं,” टीचर बोलीं.
यह सुन कर चुनचुन जोरजोर से रोने लगी. वह बोली, “नहीं, मैं ने कोई चोर नहीं देखे, मैं तो यों ही कह रही थी.”__पर इंसपेक्टर ने उस की बात नहीं मानी.वह बोला, “पर तुम तो कह रही थीं कि तुम ने चोरों को हाथ में कुछ ले कर भागते देखा है. क्या तुम ने उन्हें रात में देखा?”
“नहीं, दोपहर में,” रोतेरोते चुनचुन बोली.“दोपहर में किस वक्त?” इंसपेक्टर बोला.“जब मैं केक के लिए अंडे लेने जा रही थी,” चुनचुन ने
सिसकते हुए जवाब दिया.“और क्या देखा तुम ने?” भल्लू सिंह ने पूछा.“भालू और दरियाई घोड़े,” चुनचुन बोली.“और उन के हाथों में क्या था?” इंसपेक्टर ने गुस्से से पूछा._ “फुटबाल,” चुनचुन ने बताया| 

__“फुटबाल? तुम ने उन के हाथों में फुटबाल देखा,” मुँह बनाते हुए इंसपेक्टर बोला. हां, वे स्कूल के चारों तरफ घूम रहे थे,” रोते हुए चुनचुन बोली, “दरियाई घोड़ों ने भालुओं को पैर से फुटबाल खेलने को कहा. पर भालुओं ने फुटबाल को अपने हाथों में ही रखा और वे स्कूल के चारों तरफ चक्कर लगाते रहे. दरियाई घोड़े उन के पीछेपीछे भागते रहे.” “इस का मतलब तुम ने रात को 10 बजे के बाद किसी को कंप्यूटर ले जाते नहीं देखा,” इंसपेक्टर चुनचुन की बोर कहानी सुनते हुए बोला. “रात 10 बजे,” चुनचुन डरते हुए बोली, “नहीं, मैं तो दोपहर को केक के लिए अंडे लेने गई थी. रात 10 बजे तो मैं मारे डर के खिड़की से बाहर भी__ नहीं झांकती,” चुनचुन बोली.तभी टीचर पास आईं. वह चुनचुन के कंधों पर हाथ रखते हुए बोली, “चुनचुन, तुम बेवजह इतना अधिक क्यों बोलती हो? देखो, ज्यादा बोलने से तुम मुसीबत में फंस जाओगी.| 

इंसपेक्टर ने बेवजह वहां रुकना ठीक नहीं समझा. सारे बच्चे भी क्लास में चले गए.क्लास में टीचर ने चुनचुन को पास बुला कर कहा, “चुनचुन, मैं ने और तुम्हारी मम्मी ने तुम्हें कितनी बार समझाया कि कम बोलो और बोलने से पहले सोचो, पर तुम सुनती ही नहीं हो. अधिक बोलना तुम्हें कभी भी मुसीबत में डाल सकता है, शायद आज तुम्हें यह एहसास हो गया होगा.”_चुनचुन को अब महसूस हुआ कि बातूनी होने की वजह
से वह गैरजिम्मेदार बन गई है. अब उस ने जिम्मेदार बनने और बोलने से पहले सोचने की कसम खाई| 

– उस में आए इस बदलाव से उस की मम्मी व बाकी सब बहुत खुश हुए. जल्द ही चुनचुन अपने जिम्मेदार बरताव की वजह से मशहूर हो गई. वह अब बोलने से पहले सोचती थी| 

प्यारे बच्चो- आप सभी को ये kahani hindi me कैसी लगी हमे जरूर बताइयेगा ,ताकि हम आपके लिए इसी तरह की मज़ेदार कहानी ले कर आ सकें | 

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